मकर संक्रांति 2020, दिन, तारीख, मुहर्त, समय हिंदी निबंध

मकर संक्रांति 2020, दिन, तारीख, मुहर्त, समय हिंदी निबंध
By: No Source Posted On: December 26, 2019 View: 406

मकर संक्रांति 2020, दिन, तारीख, मुहर्त, समय हिंदी निबंध

हैप्पी मकर संक्रांति 2020

‘’सूर्य उत्तर की ओर सफ़र शुरू होता है | उन्होंने कहा की इस साल भर के सभी ख़ुशी बनाता है | आप और आपके परिवार को मेरी तरफ से है,मकर संक्रांति की शुभ कामनाये”

मकर संक्रांति 2020  में किस दिन और किस मुहूर्त में मनाया जायेगा

संक्रांति काल -07:20 सात बजकर बीस मिनट (15 जनवरी 2020 को दिन बुधवार को)

पुण्य काल -07:20 से 12:35 तक

महापुण्य काल -07:20 से 09:05 बजे तक

संक्रांति स्नान – प्रातः काल 15 जनवरी 2020

मकर संक्रांति का त्यौहार सूर्य के उत्तरायण होने पर मनाया जाता है | मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार हैं | भारत के अलग –अलग छेत्रों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है | आँध्रप्रदेश,केरला और कर्णाटक में इसे संक्रांति कहा जाता है और तमिलनाडू में इसे पोंगल के रूप में मनाया जाता है | पंजाब और हरियाणा में इस समय नई फसल का स्वागत किया जाता है | और इसे लोहरी के रूप में मनाया जाता है |और असम में बिहू के रूप में इस पर्व को मनाया  हैं | ‘’मान्यता है की सूर्य है तो जीवन है | इसलिए सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना वैदिक ज्योतिष के अनुसार काफी महत्वपूर्ण घटना है | सूर्यदेव जिस दिन धनु से मकर राशि में पहुँचते है उसे मकर संक्रांति का दिन कहते हैं | सूर्य के मकर राशि में आते ही मलमास समाप्त हो जाता है इसी दिन से ही देवताओं का दिन शुरू हो जाता है | जो आषाढ़ मास तक रहता हैं |

मकर संक्रांति कैसे मानते है पूजा विधि –

  1. इस दिन लोग तीर्थ यात्रा पर लोग जाते है और पावन नदियों में डुबकी लगाकर स्नान करते है | इसके बाद पूजा,पाठ ,ध्यान,दान और यज्ञ कराते है |
  2. अन्यथा प्रातः काल नहा धोकर भगवान शिव जी की पूजा घी या तेल का दीपक जलाकर करे | भोले बाबा का पसंदीदा सामाग्री – बिल्ब पत्र,भांग, धतुरा, आक चढ़ाए |
  3. सूर्य नारायण को जल चढ़ाये| सूर्य नारायण के मन्त्रों का जाप करे |
  4. मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में सूर्य नारायण का जाप करे | इससे आपके घर की दिक्कतों से निवारण मिलता है |
  5. तिल गुड़ के लड्डू खिचड़ी का सामान, खिचड़ी, घी या कंबल आदि गरीबो को दान करे |
  6. वेदों में वर्जित काम जैसे –दुसरो का दिल दुखाना,गलत बोलना ,गलत सोचना या पेड़ पौधा काटना और इन्द्रिय सुख प्राप्ति के कार्य नही करनी चाहिए |
    7. ब्राह्मणों को गुड व् तिल का दान करे और खिचड़ी खिलाये | सोशल स्टेटस और कर्रीएर में प्रोग्रेस होता है

मकर संक्रांति पुण्य काल क्या है |

मकर संक्रांति और 40 घाटियों के बिच की अवधी को मकरसंक्रांति पुण्य काल कहा जाता है |

40 घाटियों -16 घंटे 1 घाटी -24 मिनट

इस दिन सभी सुभ कार्य पुण्य काल मुहूर्त के दौरान आयोजित किये जाते है, जिसमे मकर संक्रांति पूजा शामिल है, भगवान सूर्य को मिठाई और पारंपरिक भोजन, दान, किसी भी शुभ काम को पूरा करना पुण्य काल होता है |

मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर काशी, संगम, हरिद्वार, ऋषिकेश तथा अन्य नदी घाटो पर तथा तीर्थों पर स्नानादि का विशेष महत्व माना जाता हैं | इस दिन सूर्य देव की पूजा –उपासना भी की जाती हैं |

  • मकर संक्रांति का महत्व – ऐसी मान्यता है की इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं | चुकी शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अतः इस दिन को मकरसंक्रांति के नाम से जाना जाता हैं | महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का ही चयन किया था | मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी भागीरथ के पीछे –पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थी.
  • इस दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में आ जाते है | उत्तरायण में सूर्य रहने के समय को शुभ समय माना जाता है और मांगलिक कार्य आसानी से किये जाते है |
  • मकर संक्रांति के दिन घी और कम्बल के दान का विशेष महत्व हैं | इस त्यौहार का सम्बन्ध केवल धार्मिक ही नही है | बल्कि इसका सम्बन्ध ऋतु परिवर्तन और कृषि से है | इस दिन से दिन एवं रात दोनों बराबर होते है |
  • मकर संक्रांति के समय उत्तर भारत में ठंड का मौसम रहता है | इस मौसम में तिल-गुड़ खाना हेल्थ के लिए अच्छा होता है | चिकित्सा विज्ञानं भी कहता है | इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है | यह ऊर्जा सर्दी में शरीर को गर्म रखता हैं | इस दिन लोग खिचड़ी खाने का सेवन करते है | खिचड़ी खाने का वैज्ञानिक कारण है की खिचड़ी पाचन को दुरुस्त रखती हैं |वही अदरक और मटर मिलाकर खिचड़ी बनाने पर यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाती है और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करती है |
  • मकर संक्रांति के दिन की गई सूर्य उपासना से कष्टों से मुक्ति दिलाकर आपको जीवन में यश, मान और सफलता दिलाती है |

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